Rakhi 2018 mahurat

Rakhi 2018 mahurat | Rakhi 2018 Subh mahurat

Rakhi muhurat 2018, Rakhi subh muhurat 2018, Rakhi 2018 muhurat, Rakhi 2018 subh muhurat, Raksha bandhan 2018 muhurat, Raksha bandhan 2018 subh muhurat, Raksha bandhan muhurat 2018, Raksha bandhan subh muhurat 2018, Raksha bandhan shubh muhurat 2018, Subh Muhurat of rakhi 2018, Subh Muhurat of raksha bandhan 2018, Subh Muhurat for rakhi 2018, Subh Muhurat for raksha bandhan 2018, Raksha bandhan shubh muhurat, Rakhi 2018 ka subh muhurat

Rakhi 2018 mahurat

राखी बांधने के दौरान एक खास मंत्र का उच्चारण किया जाता है जो निम्नलिखित है :-

मंत्र : ‘येन बद्धो बली राजा, दानवेन्द्रो महाबलः। तेन त्वां प्रतिबध्नामि, रक्षे! मा चल! मा चल!!’

इसका अर्थ है – जिस प्रकार राजा बलि में रक्षा सूत्र से बंधकर विचलित हुए बिना अपना सब कुछ दान कर दिया, उसी प्रकार हे रक्षा! आज मैं तुम्हें बांधता हूं, तू भी अपने उद्देश्य से विचलित न होना और दृढ़ बना रहना ॥

 

रक्षाबंधन 2018

वर्ष 2018 में रक्षा बंधन 26th अगस्त 2018, रविवार को मनाया जाएगा।

रक्षाबंधन के दिन राखी बांधने का मुहूर्त

रक्षा बंधन 2018 राखी बांधने का शुभ मुहूर्त = 05:59 से 17:25 तक।

मुहूर्त की अवधि = 11 घंटे 26 मिनट।

रक्षा बंधन में अपराह्न मुहूर्त = 13:39 से 16:12 तक।

मुहूर्त की अवधि = 02 घंटे 33 मिनट।

रक्षा बंधन के दिन भद्रा सूर्योदय से पूर्व ही समाप्त हो जाएगी।

सावन माह की पूर्णिमा तिथि 25th अगस्त 2018, शनिवार 15:16 से प्रारंभ होगी। 
जिसका समापन 26th अगस्त 2018, रविवार 17:25 पर होगा।

भद्रा का ध्यान रखना है बेहद जरुरी :-

रक्षा बंधन में राखी बांधने का सबसे शुभ समय अपराह्न का होता है जो सामान्य समय के मुताबिक दोपहर के बाद का समय होता है। यदि अपराह्न का समय भद्रा की वजह से सही नहीं है तो प्रदोष काल का समय भी रक्षा बंधन से जुड़े कार्यों को करने के लिए उपयुक्त माना जाता है।

भद्रा को राखी बांधने के लिए शुभ नहीं माना जाता। हिन्दू मान्यताओं के अनुसार किसी भी तरह के शुभ कार्य को भद्रा में नहीं करना चाहिए। व्रतराज नामक ग्रंथ, में भी रक्षा बंधन की सभी विधियों को भद्रा समाप्त होने के पश्चात् करने की सलाह दी जाती है। भद्रा पूर्णिमा तिथि के पूर्व-अर्ध भाग में मौजूद रहती है। इसलिए भद्रा समाप्त होने के बाद ही रक्षा बंधन मानना चाहिए। लेकिन उत्तरी भारत के अधिकतर घरों में सुबह के समय में रक्षा बंधन मनाया जाता है जो ठीक नहीं क्योंकि इस समय भद्रा व्याप्त होती है। इसलिए सुबह के समय कभी भी रक्षा बंधन नहीं मानना चाहिए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *